देखो देखो जमानो अबतो कैसो आयो जी ॥ टेक ।
न्हाणा धोणा चोका बर्तन इनसे नफरत लाते
जूता पहने होटल में जा-जाकै खाना खाते, देखो… 1॥
दूध दही अमृत को छोड़कर पीने लगे शराब
खीर खांड सा भोजन तजकर खाने लगे कबाब, देखो.. 2॥
धर्म त्रिया से जूता बाजी कंजरियों से भोग
करणी का फल यहीं मिलैगा लगै एड्स का रोग, देखो... 3॥
गंगाजल को बुरा बताते सोडावाटर पीना
महोरसिंह उन सख्शों का धिक्कार जगत में जीना, देखो... 4॥